ICICI Bank Alert: आजकल डिजिटल लेन-देन का चलन बढ़ने के साथ ही साइबर ठगी के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। ICICI बैंक ने हाल ही में अपने ग्राहकों को एक गंभीर चेतावनी जारी करते हुए ऑनलाइन ट्रांजैक्शन में सावधानी बरतने की सलाह दी है। बैंक का कहना है कि थोड़ी-सी लापरवाही आपके बैंक खाते को खाली करवा सकती है। खासकर यूपीआई (UPI) जैसे पेमेंट सिस्टम के बढ़ते इस्तेमाल के बाद साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को ठग रहे हैं।
भारत से लेकर पड़ोसी देशों तक बढ़ रही है चिंता
अब सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि भूटान जैसे देशों में भी डिजिटल पेमेंट का दायरा बढ़ा है। हालांकि, इसकी वजह से साइबर धोखाधड़ी के मामलों में भी उछाल आया है। पेटीएम पेमेंट बैंक पर हुई कार्रवाई के बाद से यह समस्या और गंभीर हुई है। साइबर ठग अब सीधे मोबाइल नंबर के जरिए यूजर्स को फंसाने की कोशिश कर रहे हैं।
साइबर ठगों की नई चाल फॉरवर्डिंग ऐप्स और फर्जी लिंक
इन दिनों साइबर अपराधी ‘फॉरवर्डिंग ऐप्स’ नामक तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसमें वे यूजर्स के मोबाइल पर एक यूपीआई डिवाइस वाइंडिंग मैसेज भेजते हैं। अगर यूजर उस लिंक पर क्लिक कर दे या उसे एक्सेप्ट कर ले, तो ठग उनके बैंक अकाउंट तक पहुंच बना लेते हैं। कई बार पीड़ितों को पता भी नहीं चलता कि उनके पैसे कैसे गए, क्योंकि ठग धीरे-धीरे छोटे-छोटे ट्रांजैक्शन करके अकाउंट खाली कर देते हैं।
ICICI बैंक ने क्यों दी यह चेतावनी?
ICICI बैंक ने ग्राहकों को स्पष्ट किया है कि वे किसी भी अज्ञात नंबर से आए मैसेज, लिंक या ईमेल पर विश्वास न करें। बैंक के अनुसार, पेटीएम बैंक पर रोक लगने के बाद साइबर ठगों ने निशाना बदल दिया है। अब वे फर्जी कॉल, ईमेल या SMS के जरिए लोगों से बैंक डिटेल्स, OTP, या UPI पिन मांगते हैं। ऐसे में ग्राहकों को बिना जांचे किसी को भी अपनी जानकारी नहीं बतानी चाहिए।
साइबर फ्रॉड से बचने के आसान टिप्स
ऐप्स और डिवाइस को अपडेटेड रखें: मोबाइल और बैंकिंग ऐप्स के नए अपडेट्स में सुरक्षा फीचर्स जोड़े जाते हैं, जो हैकर्स से बचाव करते हैं।
अनजान लिंक्स से रहें दूर: किसी भी संदिग्ध मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांच लें।
निजी जानकारी गोपनीय रखें: बैंक कभी भी फोन या मैसेज पर OTP, पासवर्ड या पिन नहीं मांगते। ऐसी मांग करने वाले को तुरंत रिपोर्ट करें।
ट्रांजैक्शन अलर्ट चालू रखें: हर लेन-देन की SMS या नोटिफिकेशन प्राप्त करने की सुविधा सक्रिय रखें।
शिकायत में न करें देरी: अगर अकाउंट में कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे, तो तुरंत बैंक हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
सरकार और बैंकों की बढ़ाई गई सतर्कता
साइबर सुरक्षा को लेकर अब सरकार और बैंक दोनों सख्त नियमों पर काम कर रहे हैं। नई टेक्नोलॉजी और प्रोटोकॉल्स की मदद से डिजिटल लेन-देन को सुरक्षित बनाने की कोशिश की जा रही है। आने वाले समय में यूपीआई और डिजिटल वॉलेट्स के लिए और भी स्ट्रिक्ट गाइडलाइन्स लागू हो सकती हैं।
निष्कर्ष:-
डिजिटल पेमेंट की सुविधा के साथ-साथ जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। ICICI बैंक का यह अलर्ट हमें याद दिलाता है कि ऑनलाइन लेन-देन में सतर्कता ही सुरक्षा की पहली सीढ़ी है। अगर हम थोड़ी सी सावधानी बरतें और बैंक द्वारा बताए गए नियमों का पालन करें, तो साइबर ठगी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
Disclaimer: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। साइबर सुरक्षा से जुड़े किसी भी मामले में विशेषज्ञ या बैंक अधिकारी से सलाह लेना ही उचित है। लेख में दी गई जानकारी के इस्तेमाल की जिम्मेदारी पूरी तरह से पाठक की होगी।